होम -
उद्योग -
मेन बॉडी -

WikiFX एक्सप्रेस

EC markets
Exness
TMGM
XM
FXTM
FOREX.com
AVATRADE
IC Markets Global
FXCM
GTCFX

जब बीमारियों से बचने के लिए होगा पेंट, वाई-फ़ाई का इस्तेमाल

WikiFX
| 2019-04-02 01:40

एब्स्ट्रैक्ट:इमेज कॉपीरइटGetty ImagesImage caption अधिक एंटिबायोटिक के इस्तेमाल से रोग प्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव

इमेज कॉपीरइटGetty ImagesImage caption अधिक एंटिबायोटिक के इस्तेमाल से रोग प्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव पड़ता है

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़, कई आम बीमारियां हर साल एक अरब से ज़्यादा लोगों को प्रभावित करती हैं. इनसे निपटने में विकासशील देशों के अरबों रुपए ख़र्च हो जाते हैं.

ग़ुरबत में रहने वाले लोग अक्सर बुनियादी सुविधाओं से महरूम होते हैं. उनकी बस्तियों में साफ़-सफ़ाई की कमी होती है. आस-पास जानवर रहने की वजह से उन्हें आए दिन कई बीमारियां हो जाती हैं. यही वजह है कि टीबी और ख़सरा जैसी बीमारियां जो एक सदी पहले ही ख़त्म मान ली गई थीं, वो वापस आ गई हैं.

इसके अलावा दूसरी संक्रामक बीमारियां जैसे खांसी-ज़ुकाम और नोरोवायरस की वजह से हर साल हज़ारों लोग मर जाते हैं. इन ज़िंदगियों को आसानी से बचाया जा सकता है.

मेडिकल साइंस की दुनिया में कई ऐसी नई तकनीक आ गई हैं, जिनसे ये मुमकिन है. नई तकनीक हमें संक्रमण रोकने, बीमारियां फैलने से रोकने और जान बचाने वाली दवाएं मुहैया कराने में मदद कर रही हैं.

ऐसे पेंट आ गए हैं, जो कीटाणुओं को रोकते हैं. टीके अब सुई के बजाय पाउडर की तरह छिड़ककर लगाए जा सकते हैं. साथ ही अब ट्रांसप्लांट के लिए ज़रूरी अंगों को ड्रोन की मदद से पहुंचाया जा रहा है.

यानी इन नए नुस्ख़ों की मदद से हम बहुत सी बेशक़ीमती ज़िंदगियां बचा पा रहे हैं. आगे चलकर हमें नई तकनीक की वजह से बीमारियों के पेंच-ओ-ख़म पता चल सकेंगे. इसका फ़ायदा बीमारियों की मज़बूती से रोकथाम में होगा.

इमेज कॉपीरइटGetty ImagesImage caption इंसुलिन की ख़ुराक बिना इंजेक्शन के ली जा सकेगी बिना सुई के इंसुलिन की ख़ुराक

कई दवाएं केवल इंजेक्शन से ही दी जा सकती हैं. इसके लिए लगातार बदन में सुईयां चुभोना किसी को पसंद नहीं आता. मरीज़ इससे घबराते हैं. स्वास्थ्य सेवाओं में अक्सर साफ़-सुथरे इंजेक्शन की कमी से, बीमारियां भी फैलती हैं.

अब अमरीका के कोच इंस्टीट्यूट फॉर इंटीग्रेटिव कैंसर रिसर्च और हार्वर्ड के ब्रिघम ऐंड वुमन हॉस्पिटल ने मिलकर ऐसी गोली तैयार की है, जिससे इंसुलिन की ख़ुराक बिना इंजेक्शन के ली जा सकेगी.

ये गोली खाने के बाद पेट के भीतर जाकर सीधे आंतों की दीवारों पर इंसुलिन का छिड़काव करेगी. मटर के आकार की इस गोली से टाइप-1 डायबिटीज़ के मरीज़ों को बहुत फ़ायदा होने की उम्मीद है.

इस गोली को विकसित करने वालों का दावा है कि उन्हें इसे बनाने की प्रेरणा लेपर्ड कछुए से मिली. ये कछुआ विपरीत हालात में ख़ुद में तेज़ी से बदलाव ले आता है. इसी तरह ये गोली भी ख़ुद को पेट में ऐसी जगह पहुंचा लेगी, जो सीधे आंत की दीवार पर दवा का छिड़काव करेगी.

  • एंटीबायोटिक खा रहा मरीज़ शराब पीये तो क्या होगा?

  • पेट से जुड़ा है दिमाग़ी सेहत का राज़

इमेज कॉपीरइटAFP/Getty Imagesकीटाणुओं को मारने वाला पेंट

अस्पताल जाने वाले दस फ़ीसद लोग, वहां पर नई बीमारियों के शिकार हो जाते हैं. इसकी वजह अस्पताल में इस्तेमाल होने वाले औज़ार, वहां का फ़र्श और दीवारें होती हैं. इसकी वजह से अकेले अमरीका में ही हर साल एक लाख लोगों की मौत हो जाती है.

दुनिया भर में क़रीब 7 लाख लोग अस्पताल जाने पर नई बीमारियों की वजह से मर जाते हैं. अस्पताल जाने पर लोग टीबी, एचआईवी या मलेरिया जैसी बीमारियों के शिकार हो जाते हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि एंटीबायोटिक की मदद से हम लोगों की रोगों से लड़ने की क्षमता, लगातार कम हो रही है. ये मेडिकल इमरजेंसी है, जिससे मानवता को निपटना है.

अमरीकी सरकार के खाद्य और दवा मंत्रालय ने कई पेंट कंपनियों के साथ मिलकर एक कीटाणु प्रतिरोधी पेंट विकसित किया है. इसे मेडिकल के औज़ारों और दूसरे सामान पर पेंट किया जा सकता है, ताकि वो कीटाणुओं के वाहक न बनें.

इसके लिए एक केमिकल को पेंट या स्याही तैयार करने के दौरान मिला दिया जाता है. फिर, इस पेंट को अस्पताल में रंग-रोगन में इस्तेमाल किया जाता है. सूखने के बाद ये कीटाणुओं से लड़ने में सहायक होता है. इसे लगाने के बाद फ़ंगस, जीवाणु और काई नहीं लगती. बायोकोट नाम की कंपनी ये एंटी-कीटाणु पेंट तैयार कर रही है.

मज़े की बात ये है कि हम कई ऐसे जेल, एंटीसेप्टिक और हैंड सैनिटाइज़र ये सोचकर इस्तेमाल करते हैं कि बीमारियों से बचेंगे. पर, यही सब बीमारियों को बढ़ावा देते हैं. क्योंकि ये ख़राब के साथ-साथ अच्छे बैक्टीरिया को भी मार देते हैं.

किसी भी दवा की ओवरडोज़ नुक़सान करती है. इसी तरह एंटीबैक्टीरियल केमिकल का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल भी फ़ायदे के बजाय नुक़सान को ही दावत देता है.

  • कैसा है ये भांग का अर्क़: दवा या दारू?

  • भांग पीने या खाने के ये हैं फ़ायदे और नुक़सान

इमेज कॉपीरइटEPAनक़ली दवाओं से बचाएगी डिजिटल मुहर

फ़र्ज़ीवाड़े से दुनिया को हर साल 3 ख़रब डॉलर का नुक़सान होता है. कारोबारी दुनिया में भ्रष्टाचार से लेकर फ़र्ज़ी इलेक्ट्रॉनिक सामान तक, उद्योग-धंधों में ख़ूब मिलावट, फ़र्ज़ीवाड़ा और नक़ली सामानों की ख़रीद-फ़रोख़्त चलती है.

सेहत का कारोबार भी फ़र्ज़ीवाड़े से आज़ाद नहीं है. कुछ दवाओं में तो 70 फ़ीसद तक नक़ली होती हैं.

अभी पिछले ही महीने, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि ब्लड कैंसर की एक दवा इक्लूसिग की नक़ली खेप ब्रिटेन के अलावा कई और यूरोपीय देशों और यहां तक कि अमरीका में बेची जा रही थी.

मलेरिया से लड़ने वाली दवाओं में डॉक्टरों ने वियाग्रा और नशे की दवाओं की मिलावट पकड़ी है. किसी भी तरह की असली और नक़ली दवा में फ़र्क़ कर पाना नामुमकिन सा है.

अक्सर मरीज़ नक़ली दवाएं खाते हैं. उन्हें फ़ायदा नहीं होता, तो वो शिकायत करने डॉक्टर के पास जाते हैं. डॉक्टर इसके लिए दवा के बजाय बीमारी को ही क़सूरवार ठहराते हैं.

राहत की बात ये है कि आईटी कंपनी आईबीएम अब ऐसी डिजिटल मुहरें विकसित कर रही हैं, जिन्हें दवाओं की सप्लाई चेन से जोड़कर उनकी नक़ली दवाएं बनाने से रोका जा सकेगा.

ये डिजिटल मुहर बालू के कण से भी छोटी होंगी और कई आकार-प्रकार में होंगी. इनके अंदर दवा से जुड़ी जानकारी कोड में दर्ज होगी. कंप्यूटर की मदद से असली और नक़ली दवा का फ़र्क़ करने में ये डिजिटल कोड मददगार होंगे.

इन्हें दवाओं की कोटिंग में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा. पानी की एक बूंद डालने से ही ये घुलकर दवा के असली या नक़ली होने का इशारा कर देंगे. इनकी नक़ल नहीं की जा सकेगी. इससे मरीज़ों और डॉक्टरों की काफ़ी मदद हो सकेगी. नक़ली दवाओं के धंधे को रोकने में ये क्रिप्टो कोड काफ़ी काम आ सकते हैं.

  • वो अंडे जो करेंगे कैंसर का ख़ात्मा

  • जिन कामों के लिए सांपों के ज़हर हैं रामबाण

इमेज कॉपीरइटGetty ImagesImage caption ख़राब इंटरनेट सार्वजनिक स्वास्थ्य में एक बाधा हो सकता है

मुफ़्त वाई-फ़ाई

हम अक्सर इंटरनेट कनेक्टिविटी को गंभीरता से नहीं लेते. पर, किसी मुश्किल वक़्त में इंटरनेट से कटे होना नुक़सानदेह साबित हो सकता है.

ख़ासतौर से दवा लेना भूल जाना, किसी मरीज़ का रिकॉर्ड न हासिल कर पाना, दवाएं लिखने में ग़लती या किसी बीमारी को लेकर जानकारी, इंटरनेट न होने पर नहीं मिल पाती है.

अफ्ऱीका की एक अरब से ज़्यादा आबादी इंटरनेट के लिए मोबाइल पर निर्भर है. लेकिन, यहां अक्सर कनेक्टिविटी की दिक़्क़त होती है.

बीआरसीके नाम के संगठन ने कई अफ्ऱीकी देशों में मोजा के नाम से मुफ़्त वाई-फ़ाई सेवा शुरू की है. इससे मोबाइल के बजाय वाई-फ़ाई से इंटरनेट से जुड़ा जा सकता है.

इस सेवा के ज़रिए लोग फ़ेसबुक, नेटफ़्लिक्स और यू-ट्यूब से जुड़ सकते हैं. दूर-दराज़ के इलाक़ों में ये सेवा काफ़ी मददगार हो सकती है. दूर बैठे डॉक्टर शहरों के बड़े अस्पतालों से सीधी मदद ले सकते हैं.

अच्छी बात ये है कि मोजा के वाई-फ़ाई ख़राब मौसम में भी काम करते हैं. जिससे महामारी की सूरत में तमाम संगठनों में बेहतर तालमेल बैठाया जा सकता है. या फिर किसी मेडिकल इमरजेंसी में दुनिया के किसी कोने से मदद हासिल की जा सकती है.

WikiFX एक्सप्रेस

EC markets
Exness
TMGM
XM
FXTM
FOREX.com
AVATRADE
IC Markets Global
FXCM
GTCFX

WikiFX ब्रोकर

FXTM

FXTM

विनियमित
ATFX

ATFX

विनियमित
XM

XM

विनियमित
GTCFX

GTCFX

विनियमन के साथ
GMI

GMI

व्यवसाय निलंबित
DBG MARKETS

DBG MARKETS

विनियमन के साथ
FXTM

FXTM

विनियमित
ATFX

ATFX

विनियमित
XM

XM

विनियमित
GTCFX

GTCFX

विनियमन के साथ
GMI

GMI

व्यवसाय निलंबित
DBG MARKETS

DBG MARKETS

विनियमन के साथ

WikiFX ब्रोकर

FXTM

FXTM

विनियमित
ATFX

ATFX

विनियमित
XM

XM

विनियमित
GTCFX

GTCFX

विनियमन के साथ
GMI

GMI

व्यवसाय निलंबित
DBG MARKETS

DBG MARKETS

विनियमन के साथ
FXTM

FXTM

विनियमित
ATFX

ATFX

विनियमित
XM

XM

विनियमित
GTCFX

GTCFX

विनियमन के साथ
GMI

GMI

व्यवसाय निलंबित
DBG MARKETS

DBG MARKETS

विनियमन के साथ

रेट की गणना करना

USD
CNY
वर्तमान दर: 0

रकम

USD

उपलब्ध है

CNY
गणना करें

आपको शायद यह भी पसंद आएगा

ALLMARKET TRADES

ALLMARKET TRADES

IMPERIAL GATES TRADE

IMPERIAL GATES TRADE

lslushpool investment hub

lslushpool investment hub

ALTRADERS GLOBAL

ALTRADERS GLOBAL

PimpYourTrading TRADINGROOM

PimpYourTrading TRADINGROOM

ZOXMARKETS

ZOXMARKETS

nitivest

nitivest

ULTIMATE LOGIC TRADE

ULTIMATE LOGIC TRADE

BRIMCHORE

BRIMCHORE

KISTOSS

KISTOSS